सरोजिनी नायडू की जयंती पर इसलिए मनाया जाता है “राष्ट्रीय महिला दिवस”, जानिए इनसे जुड़ी कुछ खास बातें…

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sarojini naidu birth anniversary

आज देश की पहली महिला गवर्नर सरोजिनी नायडू की जयंती (Sarojini Naidu Birth Anniversary) है. इनका जन्म 13 फरवरी, 1879 को हैदराबाद में हुआ था. ”द नाइटिंगेल ऑफ इंडिया” के नाम से प्रसिद्ध सरोजिनी नायडू (Sarojini Naidu) के जन्म दिवस को राष्ट्रीय महिला दिवस (National Womens Day) के तौर पर मनाया जाता है. आज हम आपको सरोजिनी नायडू के जन्मदिन के अवसर पर इनसे जुड़ी खास बातें बताने जा रहे हैं.

बचपन से ही सरोजिनी नायडू पढ़ाई-लिखाई में काफी अच्छी थी. मात्र 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने 10वीं की परीक्षा में टॉप किया था. वहीं, उच्च शिक्षा की प्राप्ति के लिए वो 16 साल की उम्र में लंदन चली गई. इन्होंने अपनी उच्च शिक्षा की पढ़ाई लंदन और कैम्ब्रिज से की थी. हुई. वो अपनी पढ़ाई के साथ-साथ कविताएं भी लिखा करती थी. डॉक्टर गोविंदराजलू नायडू से उनकी शादी 19 साल की उम्र में हो गई थी.

सरोजिनी नायडू को भारत की स्वर कोकिला भी कहा जाता है. ये भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली भारत की महिला अध्यक्ष रहीं हैं. ये आगरा और अवध के संयुक्त प्रांत की पहली महिला राज्यपाल बनीं थीं. साल 1905 में बंगाल के विभाजन के बाद सरोजिनी नायडू भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में शामिल हुईं.

साल 1914 में 1914 में इंग्लैंड में उनकी गांधी जी से पहली बार मुलाकात हुई और उनके विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया. साल 1919 में सरोजिनी नायडू ने जलियांवाला बाग के हत्याकांड से दुःखी होकर कविता लिखना बंद कर दिया था. साल 1928 में ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में प्लेग महामारी के वक्त सरोजनी नायडू के कार्य के लिए उनको कैसर-ए-हिंद से सम्मानित किया गया था. 2 मार्च 1949 को सरोजिनी नायडू ने दुनिया को अलविदा कह दिया था.

साहित्य में सरोजिनी का योगदान

  • साल 1905 में “द गोल्डन थ्रेशोल्ड”, साल 1912 में “द बर्ड ऑफ टाइम” और साल 1917 में “ब्रोकन विंग” के नाम से सरोजिनी नायडू की कविताओं के 3 संग्रह प्रकाशित हुए.
  • द विजार्ड मास्क (The Wizard Mask)
  • फीस्ट ऑफ़ यूथ (Feast of Youth)
  • द मैजिक ट्री (The Magic Tree)
  • मुहम्मद जिन्ना: एन एम्बेस्डर ऑफ़ यूनिटी

इसलिए मनाया जाता है राष्ट्रीय महिला दिवस 

देश में महिलाओं के विकास को लेकर सरोजिनी नायडू ने जो-जो कार्य किए थे उनको मान्यता देने हेतु उनके जन्म दिवस को राष्ट्रीय महिला दिवस के तौर मनाया जाता है. उनके नाम और जन्म की तारीख को भारत में राष्ट्रीय महिला दिवस के तौर पर मनाने के लिए भारतीय महिला संघ और अखिल भारतीय महिला सम्मेलन के सदस्यों ने प्रस्तावित किया था. बता दें कि हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) मनाया जाता है.

 

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